Regional Geography Kashmir Valley
कश्मीर घाटी का प्रादेशिक भूगोल
(Regional Geography of Kashmir Valley)
1. कश्मीर घाटी का भौगोलिक परिचय
कश्मीर घाटी भारत के जम्मू-कश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित एक अत्यंत सुंदर एवं उपजाऊ अंतःपर्वतीय घाटी है। इसे भारत का “स्वर्ग” भी कहा जाता है।
यह घाटी हिमालय पर्वत प्रणाली का भाग है।
चारों ओर ऊँचे पर्वतों से घिरी हुई है।
2. स्थिति एवं विस्तार
अक्षांश: 33° से 35° उत्तर
देशांतर: 74° से 76° पूर्व
लंबाई: लगभग 135 किमी
चौड़ाई: 32 से 40 किमी
औसत ऊँचाई: लगभग 1600 मीटर
3. भौतिक स्वरूप (Physiography)
(क) पर्वतीय सीमाएँ
उत्तर एवं पूर्व – महान हिमालय (Greater Himalaya)
दक्षिण एवं पश्चिम – पीर पंजाल श्रेणी
(ख) घाटी का स्वरूप
कश्मीर घाटी एक समतल तली वाली चौड़ी घाटी है।
घाटी के किनारों पर करेवा पठार पाए जाते हैं।
घाटी का ढाल उत्तर-पश्चिम की ओर है।
4. भू-आकृतिक उत्पत्ति
प्राचीन काल में कश्मीर घाटी एक विशाल झील थी।
बाद में झेलम नदी द्वारा जल निकास हुआ।
झील के अवसादों से उपजाऊ जलोढ़ मैदान तथा करेवा का निर्माण हुआ।
5. जलवायु
कश्मीर घाटी की जलवायु समशीतोष्ण (Temperate) प्रकार की है।
ग्रीष्म ऋतु – शीतल व सुखद
शीत ऋतु – अत्यधिक ठंडी, हिमपात होता है
वर्षा –
पश्चिमी विक्षोभों से
औसत वर्षा 75–100 सेमी
6. जल निकास तंत्र
झेलम नदी तंत्र
झेलम नदी घाटी की मुख्य नदी है।
यह घाटी को दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम दिशा में काटती है।
प्रमुख सहायक नदियाँ—
लिद्दर
सिंध
विषव
रंबियारा
झीलें—
डल झील
वुलर झील (भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील)
अनचार झील
मानसबल झील
7. मृदा
मुख्यतः जलोढ़ मिट्टी
करेवा क्षेत्रों में झील निक्षेप मिट्टी
अत्यंत उपजाऊ, कृषि के लिए अनुकूल
8. प्राकृतिक वनस्पति
शीतोष्ण वन पाए जाते हैं।
प्रमुख वृक्ष—
देवदार
चीड़
फर
स्प्रूस
अखरोट
9. कृषि एवं आर्थिक गतिविधियाँ
(क) प्रमुख फसलें
धान (मुख्य फसल)
गेहूँ
मक्का
जौ
(ख) बागवानी
सेब
बादाम
अखरोट
नाशपाती
👉 पंपोर क्षेत्र का केसर विश्व प्रसिद्ध है (करेवा भूमि पर)।
10. जनसंख्या एवं मानव क्रियाएँ
जनसंख्या घनत्व घाटी में अधिक है।
प्रमुख नगर—
श्रीनगर (राजधानी)
अनंतनाग
बारामूला
आजीविका—
कृषि
बागवानी
पर्यटन
हस्तशिल्प (कालीन, शॉल)
11. पर्यटन महत्व
डल झील
गुलमर्ग
पहलगाम
सोनमर्ग
कश्मीर घाटी भारत का प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है।
12. समस्याएँ
भूकंप संभावित क्षेत्र
बाढ़ की समस्या (झेलम नदी)
राजनीतिक अस्थिरता
सीमित औद्योगिक विकास
13. निष्कर्ष
कश्मीर घाटी एक विशिष्ट भौगोलिक, कृषि, सांस्कृतिक एवं पर्यटन क्षेत्र है। इसकी समशीतोष्ण जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और प्राकृतिक सौंदर्य इसे भारत की सबसे महत्वपूर्ण घाटियों में स्थान दिलाते हैं।
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