Unit I 4.Soil Classification
प्रकरण: Soil Classification, Problems Associated with Soil and Their Remedies in India विषय: मृदा का वर्गीकरण, मृदा से संबंधित समस्याएँ एवं भारत में उनके समाधान 1. मृदा का परिचय (Introduction to Soil) मृदा (Soil) पृथ्वी की सतह पर पाई जाने वाली वह प्राकृतिक, गतिशील एवं जीवंत परत है, जिसमें खनिज पदार्थ, जैविक पदार्थ, जल, वायु तथा विभिन्न सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं और जो वनस्पतियों की वृद्धि के लिए आधार प्रदान करती है। मृदा केवल कृषि का आधार नहीं है, बल्कि यह पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता, जल चक्र और पोषक तत्वों के चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मृदा के प्रमुख घटक 1. खनिज पदार्थ — लगभग 45% 2. मृदा जल — लगभग 25% 3. मृदा वायु — लगभग 25% 4. जैविक पदार्थ — लगभग 5% > ये प्रतिशत सामान्य आदर्श मृदा के अनुमानित अनुपात हैं; वास्तविक अनुपात स्थान एवं परिस्थितियों के अनुसार बदलता है। --- 2. भारत में मृदा निर्माण के कारक भारत में विभिन्न प्रकार की मृदाएँ मिलने का प्रमुख कारण भौतिक एवं जैविक परिस्थितियों की विविधता है। प्रमुख कारक 1. जलवायु (Climate) तापमान एवं वर्षा अपक्षय, निक्षालन और मृदा...