Unit I 1 Physiography भारत के भौतिक प्रदेश

जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर

भारत का भूगोल (Geography of India)


A Study of India with Reference to its Physiography

भारत का भौतिक स्वरूप / भौतिक विभाग

प्रस्तुतकर्ता: डॉ. नवीन कुमार पारीक

व्याख्याता, भूगोल


1. प्रस्तावना

भारत विविध भौतिक स्वरूपों वाला देश है। यहाँ उत्तर में विशाल एवं नवीन हिमालय पर्वत, उत्तर-पश्चिम में भारतीय मरुस्थल, उत्तर एवं मध्य भारत में विस्तृत उत्तरी मैदान, दक्षिण में प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार, पूर्व एवं पश्चिम में तटीय मैदान तथा समुद्र में द्वीप समूह पाए जाते हैं।

भारत की वर्तमान भौतिक संरचना करोड़ों वर्षों की भूगर्भिक प्रक्रियाओं, प्लेट विवर्तनिकी, अपरदन, निक्षेपण एवं जलवायु संबंधी प्रक्रियाओं का परिणाम है।


भारत के प्रमुख भौतिक विभाग

भारत को सामान्यतः निम्न छह प्रमुख भौतिक विभागों में बाँटा जाता है—


1. उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी पर्वतीय प्रदेश

2. उत्तरी विशाल मैदान

3. प्रायद्वीपीय पठार

4. भारतीय मरुस्थल

5. तटीय मैदान

6. द्वीप समूह



भारत की भौगोलिक स्थिति

भारत एशिया महाद्वीप के दक्षिणी भाग में स्थित है।

अक्षांशीय विस्तार: लगभग 8°4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश

देशांतरीय विस्तार: लगभग 68°7' पूर्वी देशांतर से 97°25' पूर्वी देशांतर

कर्क रेखा: 23°30' उत्तरी अक्षांश के लगभग भारत के मध्य भाग से गुजरती है।

भारत का दक्षिणतम बिंदु: इंदिरा प्वाइंट

मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु: कन्याकुमारी

भारत की भौतिक विविधता उसकी जलवायु, मिट्टी, वनस्पति, कृषि, जनसंख्या तथा आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करती है।


3. उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी पर्वतीय प्रदेश

Northern and North-Eastern Mountain Region

भारत के उत्तरी भाग में हिमालय पर्वत स्थित है। हिमालय एक नवीन वलित पर्वत तंत्र (Young Fold Mountain System) है।

यह पश्चिम में सिंधु नदी के क्षेत्र से लेकर पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के मोड़ तक फैला हुआ है।




3.1 हिमालय की प्रमुख विशेषताएँ


1. यह नवीन वलित पर्वत है।

2. इसकी ऊँचाई बहुत अधिक है।

3. यहाँ अनेक हिमनद पाए जाते हैं।

4. भारत की प्रमुख नदियों का उद्गम हिमालय से होता है।

5. यह भारतीय उपमहाद्वीप की जलवायु को प्रभावित करता है।

6. यह प्राकृतिक अवरोध के रूप में कार्य करता है।

7. यहाँ अनेक घाटियाँ, दर्रे एवं पर्वतीय चोटियाँ पाई जाती हैं।



4. हिमालय की प्रमुख श्रेणियाँ

हिमालय को उत्तर से दक्षिण की ओर मुख्यतः तीन समानांतर श्रेणियों में बाँटा जाता है—

1. महान हिमालय / हिमाद्रि

Greater Himalaya

2. लघु हिमालय / हिमाचल

Lesser Himalaya

3. शिवालिक

Shiwalik




4.1 महान हिमालय / हिमाद्रि

यह हिमालय की सबसे उत्तरी एवं सबसे ऊँची प्रमुख श्रेणी है।

विशेषताएँ

औसत ऊँचाई लगभग 6,000 मीटर के आसपास।

अनेक ऊँची चोटियाँ।

वर्ष भर बर्फ से ढकी चोटियाँ।

अनेक महत्वपूर्ण हिमनद पाए जाते हैं।

प्रमुख नदियों के स्रोत इसी क्षेत्र में स्थित हैं।


प्रमुख चोटियाँ

कंचनजंघा

नंदा देवी

कामेत आदि


माउंट एवरेस्ट हिमालय की सर्वोच्च चोटी है, लेकिन यह नेपाल में स्थित है।



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5. लघु हिमालय / हिमाचल

महान हिमालय के दक्षिण में लघु हिमालय स्थित है।

प्रमुख विशेषताएँ

ऊँचाई महान हिमालय से कम।

अनेक पर्वतीय घाटियाँ।


यहाँ मानव बस्तियाँ अपेक्षाकृत अधिक हैं।


पर्यटन केंद्रों का विकास हुआ है।



प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ


पीर पंजाल


धौलाधार


महाभारत श्रेणी



प्रमुख पर्वतीय क्षेत्र/नगर


शिमला


मसूरी


नैनीताल


दार्जिलिंग आदि।




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6. शिवालिक श्रेणी


यह हिमालय की सबसे दक्षिणी एवं बाहरी श्रेणी है।


विशेषताएँ


ऊँचाई अपेक्षाकृत कम।


असंगठित एवं कमजोर अवसादी पदार्थों से निर्मित।


इसके दक्षिण में दून घाटियाँ पाई जाती हैं।


प्रमुख दून घाटियाँ

देहरादून

कोटली दून

पाटली दून


7. पूर्वांचल की पहाड़ियाँ

हिमालय की पूर्वी दिशा में पर्वत श्रेणियाँ दक्षिण की ओर मुड़ जाती हैं। इन्हें सामूहिक रूप से पूर्वांचल (Purvanchal) कहा जाता है।


प्रमुख पहाड़ियाँ

पटकाई

नागा पहाड़ियाँ

मणिपुर पहाड़ियाँ

मिजो/लुशाई पहाड़ियाँ

ये क्षेत्र घने वनों और अत्यधिक वर्षा के लिए प्रसिद्ध हैं।



8. उत्तरी विशाल मैदान


Northern Plains


हिमालय के दक्षिण में स्थित विशाल मैदान को उत्तरी मैदान कहा जाता है।


यह मुख्यतः सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्रों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों से निर्मित है।


प्रमुख विशेषताएँ


1. अत्यंत समतल भू-भाग।



2. अत्यंत उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी।



3. कृषि के लिए अत्यधिक अनुकूल।



4. घनी जनसंख्या।



5. नदियों का विस्तृत जाल।



6. सिंचाई के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ।



7. अनेक बड़े नगर एवं औद्योगिक केंद्र।





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9. उत्तरी मैदान के प्रमुख क्षेत्र


उत्तरी मैदान को नदी तंत्र के आधार पर मुख्यतः तीन भागों में समझा जाता है—


1. पंजाब का मैदान


सिंधु एवं उसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित।


2. गंगा का मैदान


गंगा तथा उसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित।


3. ब्रह्मपुत्र का मैदान


ब्रह्मपुत्र एवं उसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित।



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10. उत्तरी मैदान के भौतिक प्रदेश


हिमालय की तलहटी से दक्षिण की ओर मैदान में चार महत्वपूर्ण स्थलरूप मिलते हैं—


(1) भाबर


शिवालिक के दक्षिण में संकरी पट्टी।


यहाँ कंकड़-पत्थरों का निक्षेप अधिक।


नदियाँ कई स्थानों पर सतह से नीचे चली जाती हैं।



(2) तराई


भाबर के दक्षिण में स्थित।


भूमिगत जल पुनः सतह पर आने के कारण क्षेत्र अधिक नम।


घने वन एवं दलदली भूमि के लिए प्रसिद्ध।



(3) भांगर


पुरानी जलोढ़ मिट्टी।


अपेक्षाकृत ऊँचे भागों में स्थित।


इसमें कंकर की परतें मिलती हैं।



(4) खादर


नई जलोढ़ मिट्टी।


नदी की बाढ़ से बार-बार नए निक्षेप प्राप्त होते हैं।


अत्यधिक उपजाऊ।



याद रखने का क्रम


भाबर → तराई → भांगर → खादर



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11. प्रायद्वीपीय पठार


Peninsular Plateau


प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे प्राचीन एवं स्थिर भू-भाग माना जाता है।


यह मुख्यतः प्राचीन आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानों से बना है।


प्रमुख विशेषताएँ


अत्यंत प्राचीन भू-भाग।


कठोर चट्टानों से निर्मित।


सामान्यतः त्रिभुजाकार स्वरूप।


खनिज संसाधनों से समृद्ध।


अनेक नदियों का उद्गम।


पठारी एवं पहाड़ी स्थलरूप।




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12. प्रायद्वीपीय पठार के प्रमुख भाग


इसे मुख्यतः दो बड़े भागों में समझा जाता है—


1. मध्य उच्चभूमि


Central Highlands


2. दक्कन का पठार


Deccan Plateau



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13. मध्य उच्चभूमि


यह नर्मदा नदी के उत्तर में स्थित पठारी क्षेत्र है।


प्रमुख भाग


मालवा पठार


बुंदेलखंड पठार


बघेलखंड पठार


छोटानागपुर पठार



छोटानागपुर पठार


यह खनिज संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।


यहाँ—


कोयला


लौह अयस्क


अभ्रक


बॉक्साइट



आदि खनिज पाए जाते हैं।



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14. दक्कन का पठार


नर्मदा नदी के दक्षिण में स्थित विशाल पठारी क्षेत्र को दक्कन का पठार कहा जाता है।


इसका स्वरूप सामान्यतः त्रिभुजाकार है।


प्रमुख विशेषताएँ


पश्चिम से पूर्व की ओर सामान्य ढाल।


बेसाल्ट चट्टानों का व्यापक विस्तार।


काली मिट्टी के क्षेत्र।


गोदावरी, कृष्णा, कावेरी आदि नदियाँ यहाँ से होकर बहती हैं।




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15. पश्चिमी घाट


Western Ghats


पश्चिमी तट के समानांतर स्थित पर्वतीय श्रेणी को पश्चिमी घाट कहते हैं।


इसे सह्याद्रि भी कहा जाता है।


विशेषताएँ


अपेक्षाकृत ऊँची एवं सतत श्रेणी।


पश्चिमी ढाल अधिक तीव्र।


मानसूनी वर्षा को प्रभावित करती है।


जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण।



प्रमुख चोटियाँ


अनामुडी दक्षिण भारत की प्रमुख ऊँची चोटियों में से एक है।



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16. पूर्वी घाट


Eastern Ghats


पूर्वी तट के समानांतर स्थित पर्वतीय श्रेणियों को पूर्वी घाट कहते हैं।


प्रमुख विशेषताएँ


पश्चिमी घाट की तुलना में कम ऊँचे।


अधिक खंडित एवं असतत।


महानदी, गोदावरी, कृष्णा एवं कावेरी जैसी नदियों ने इन्हें कई स्थानों पर काटा है।




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17. पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट में अंतर


आधार पश्चिमी घाट पूर्वी घाट


स्थिति पश्चिमी तट के समानांतर पूर्वी तट के समानांतर

प्रकृति अधिक सतत अधिक खंडित

ऊँचाई सामान्यतः अधिक सामान्यतः कम

वर्षा पर प्रभाव पश्चिमी मानसून से अधिक प्रभाव अपेक्षाकृत कम

नदियाँ कई नदियों का उद्गम अनेक नदियाँ इन्हें काटकर समुद्र तक पहुँचती हैं




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18. भारतीय मरुस्थल


Indian Desert / Thar Desert


भारत के पश्चिमोत्तर भाग में मुख्यतः राजस्थान में स्थित मरुस्थलीय क्षेत्र को थार मरुस्थल कहा जाता है।


प्रमुख विशेषताएँ


कम वर्षा।


उच्च तापमान।


रेत के विस्तृत क्षेत्र।


बालू के टीले।


विरल वनस्पति।


मौसमी नदियाँ।


मरुस्थलीय जलवायु।



प्रमुख नदी


लूणी नदी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख नदी है।


प्रमुख स्थलरूप


बालू के टीले


बालू की चादर


प्लाया झीलें


मरुस्थलीय मैदान




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19. तटीय मैदान


Coastal Plains


प्रायद्वीपीय पठार और समुद्र के बीच स्थित संकरे मैदानी भागों को तटीय मैदान कहते हैं।


इन्हें दो प्रमुख भागों में बाँटा जाता है—


1. पश्चिमी तटीय मैदान


2. पूर्वी तटीय मैदान



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20. पश्चिमी तटीय मैदान


अरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच स्थित मैदान को पश्चिमी तटीय मैदान कहते हैं।


यह सामान्यतः संकरा है।


इसके प्रमुख भाग—


(i) कोंकण तट


महाराष्ट्र एवं गोवा के आसपास।


(ii) कन्नड़/कनारा तट


कर्नाटक क्षेत्र।


(iii) मालाबार तट


केरल क्षेत्र।


प्रमुख विशेषता


केरल के मालाबार तट पर बैकवाटर्स (Backwaters) पाए जाते हैं।



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21. पूर्वी तटीय मैदान


बंगाल की खाड़ी और पूर्वी घाट के बीच स्थित मैदान को पूर्वी तटीय मैदान कहते हैं।


यह पश्चिमी तट की तुलना में सामान्यतः अधिक चौड़ा है।


प्रमुख भाग


उत्तरी सरकार तट


कोरोमंडल तट



प्रमुख विशेषताएँ


महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियों ने यहाँ विशाल डेल्टा बनाए हैं।



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22. पश्चिमी एवं पूर्वी तटीय मैदान में अंतर


आधार पश्चिमी तट पूर्वी तट


समुद्र अरब सागर बंगाल की खाड़ी

चौड़ाई अपेक्षाकृत संकरा अपेक्षाकृत चौड़ा

नदियों का स्वरूप छोटी एवं तीव्र ढाल वाली नदियाँ अधिक बड़ी नदियाँ एवं विस्तृत डेल्टा

प्रमुख तट कोंकण, कनारा, मालाबार उत्तरी सरकार, कोरोमंडल

डेल्टा अपेक्षाकृत कम बड़े डेल्टा अधिक




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23. द्वीप समूह


Islands of India


भारत के दो प्रमुख द्वीप समूह हैं—


1. अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह


बंगाल की खाड़ी में स्थित।


विशेषताएँ—


अनेक द्वीपों का समूह।


घने उष्णकटिबंधीय वन।


जैव विविधता।


कुछ द्वीप ज्वालामुखीय उत्पत्ति से संबंधित हैं।



बैरन द्वीप भारत का सक्रिय ज्वालामुखी वाला प्रमुख द्वीप है।


2. लक्षद्वीप


अरब सागर में स्थित।


इनका निर्माण मुख्यतः प्रवाल (Coral) से संबंधित है।



---


24. भारत के भौतिक विभागों का समग्र महत्व


भारत की भौतिक संरचना का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव है।


हिमालय


जलवायु अवरोध


नदियों का स्रोत


जलविद्युत


वन एवं पर्यटन



उत्तरी मैदान


उपजाऊ मिट्टी


कृषि


घनी जनसंख्या


परिवहन एवं उद्योग



प्रायद्वीपीय पठार


खनिज संसाधन


उद्योग


जलविद्युत


काली मिट्टी एवं कृषि



मरुस्थल


पशुपालन


खनिज


सौर एवं पवन ऊर्जा


सिंचाई से कृषि का विकास



तटीय मैदान


बंदरगाह


मत्स्य पालन


कृषि


पर्यटन


व्यापार



द्वीप


सामरिक महत्व


पर्यटन


जैव विविधता


समुद्री संसाधन




---


25. भारत की भौतिक संरचना का सरल चित्रात्मक क्रम


हिमालय

        ─────────────────────

              उत्तरी मैदान

        ─────────────────────

       प्रायद्वीपीय पठार

      ↙ ↘

 पश्चिमी घाट पूर्वी घाट

      │ │

 पश्चिमी तट पूर्वी तट

      │ │

    अरब सागर बंगाल की खाड़ी


पश्चिमोत्तर → थार मरुस्थल


समुद्र में → अंडमान-निकोबार एवं लक्षद्वीप



---


26. परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य


एक नजर में याद करें


हिमालय — नवीन वलित पर्वत


उत्तरी मैदान — जलोढ़ निक्षेपों से निर्मित


प्रायद्वीपीय पठार — प्राचीन स्थिर भू-भाग


थार — भारत का प्रमुख गर्म मरुस्थलीय क्षेत्र


पश्चिमी घाट — अधिक सतत


पूर्वी घाट — अधिक खंडित


पूर्वी तटीय मैदान — अधिक चौड़ा एवं डेल्टा प्रधान


पश्चिमी तटीय मैदान — अपेक्षाकृत संकरा


लक्षद्वीप — प्रवाल द्वीपों से संबंधित


बैरन द्वीप — सक्रिय ज्वालामुखी


भाबर → तराई → भांगर → खादर — उत्तरी मैदान के महत्वपूर्ण भौतिक प्रदेश




---


27. दीर्घ उत्तरीय परीक्षा प्रश्न


1. भारत के प्रमुख भौतिक विभागों का विस्तार से वर्णन कीजिए।



2. भारत के उत्तरी पर्वतीय प्रदेश की भौतिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।



3. उत्तरी विशाल मैदान की उत्पत्ति एवं प्रमुख भौतिक विभागों को समझाइए।



4. प्रायद्वीपीय पठार की संरचना एवं प्रमुख भौतिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।



5. भारतीय मरुस्थल की भौतिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।



6. भारत के पूर्वी एवं पश्चिमी तटीय मैदानों की तुलना कीजिए।



7. भारत के भौतिक विभागों का आर्थिक एवं मानवीय महत्व स्पष्ट कीजिए।



8. भारत की भौतिक संरचना का कृषि, जलवायु एवं जनसंख्या वितरण पर प्रभाव समझाइए।





---


28. लघु उत्तरीय प्रश्न


भारत के प्रमुख भौतिक विभाग कौन-कौन से हैं?


हिमाद्रि क्या है?


शिवालिक किसे कहते हैं?


दून घाटी क्या है?


भाबर एवं तराई में अंतर बताइए।


भांगर एवं खादर क्या हैं?


प्रायद्वीपीय पठार की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।


पश्चिमी घाट को सह्याद्रि क्यों कहा जाता है?


थार मरुस्थल की दो विशेषताएँ लिखिए।


पूर्वी तटीय मैदान पश्चिमी तटीय मैदान से कैसे भिन्न है?


लक्षद्वीप किस प्रकार के द्वीपों का समूह है?


बैरन द्वीप का क्या महत्व है?




---


⭐ परीक्षा के लिए निष्कर्ष


भारत का भौतिक स्वरूप अत्यंत विविधतापूर्ण है। उत्तर में नवीन वलित हिमालय, उसके दक्षिण में जलोढ़ उत्तरी मैदान, मध्य एवं दक्षिण में प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार, पश्चिमोत्तर में थार मरुस्थल, पूर्व एवं पश्चिम में तटीय मैदान तथा समुद्र में द्वीप समूह भारत की प्रमुख भौतिक इकाइयाँ हैं। इन भौतिक विभागों ने भारत की जलवायु, अपवाह तंत्र, मिट्टी, प्राकृतिक वनस्पति, कृषि, खनिज संसाधन, जनसंख्या एवं आर्थिक गतिविधियों के स्वरूप को गहराई से प्रभावित किया है।


याद रखने की ट्रिक


“पर्वत → मैदान → पठार → मरुस्थल → तट → द्वीप”


इसी क्रम में भारत के छह प्रमुख भौतिक विभाग परीक्षा में क्रमबद्ध रूप से लिखे जा सकते हैं।




Physical Features of India / Physical Division


Presented by: Dr. Naveen Kumar Pareek


Lecturer, Geography


1. Introduction


India is a country with diverse physical features. It includes the vast and young Himalayan mountains in the north, the Indian Desert in the northwest, the vast northern plains in north and central India, the ancient peninsular plateau in the south, coastal plains in the east and west, and island groups in the ocean.


India's current physical structure is the result of millions of years of geological processes, plate tectonics, erosion, deposition, and climatic processes.


Major Physical Divisions of India


India is generally divided into the following six major physical divisions:


1. Northern and Northeastern Mountainous Regions


2. Northern Great Plains


3. Peninsular Plateau


4. Indian Desert


5. Coastal Plains


6. Islands


Geographical Location of India


India is located in the southern part of the Asian continent.


 Latitudinal extent: approximately 8°4' North latitude to 37°6' North latitude


Longitudinal extent: approximately 68°7' East longitude to 97°25' East longitude


The Tropic of Cancer: Passes through the central part of India at approximately 23°30' North latitude.


India's southernmost point: Indira Point


The southernmost point of the mainland: Kanyakumari


India's physical diversity influences its climate, soil, vegetation, agriculture, population, and economic activities.


3. Northern and North-Eastern Mountain Region


The Himalayas are located in the northern part of India. The Himalayas are a young fold mountain system.


It extends from the Indus River region in the west to the bend of the Brahmaputra River in the east.


3.1 Key Features of the Himalayas


1. It is a young fold mountain.


2. It is very high.


 3. Numerous glaciers are found here.


4. Major rivers of India originate in the Himalayas.


5. It influences the climate of the Indian subcontinent.


6. It acts as a natural barrier.


7. Numerous valleys, passes, and mountain peaks are found here.


4. Major Ranges of the Himalayas


The Himalayas are divided into three parallel ranges from north to south:


1. Great Himalayas / Himadri


Greater Himalayas


2. Lesser Himalayas / Himachal


Lesser Himalayas


3. Shivalik


Shiwalik


4.1 Great Himalayas / Himadri


This is the northernmost and highest major range of the Himalayas.


Features


Average elevation around 6,000 meters.


Many high peaks.


Peaks covered with snow throughout the year.


 Many important glaciers are found.


The sources of major rivers are located in this region.


Major Peaks


Kanchenjunga


Nanda Devi


Kamet, etc.


Mount Everest is the highest peak of the Himalayas, but it is located in Nepal.


---


5. Lesser Himalayas / Himachal


The Lesser Himalayas lie south of the Great Himalayas.


Major Features


Lesser in altitude than the Great Himalayas.


Many mountain valleys.


Human settlements are relatively more here.


Tourist centers have developed.


Major Mountain Ranges


Pir Panjal


Dhauladhar


Mahabharat Range


Major Mountain Areas/Cities


Shimla


Mussoorie


Nainital


Darjeeling, etc.


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6. Shivalik Range


This is the southernmost and outermost range of the Himalayas.


Features


Relatively low in altitude.


 Made of unconsolidated and weak sedimentary materials.


The Doon Valleys lie to its south.


Major Doon Valleys


Dehradun


Kotli Doon


Patli Doon


7. Purvanchal Hills


On the eastern side of the Himalayas, mountain ranges turn southward. They are collectively called the Purvanchal Range.


Major Hills


Patkai


Naga Hills


Manipur Hills


Mizo/Lushai Hills


These regions are known for their dense forests and heavy rainfall.












🌏 भारत के भौतिक प्रदेश – एक विस्तृत परिचय

भारत विविधताओं का देश है — संस्कृति में, भाषाओं में और प्रकृति में भी। भारत की भौतिक संरचना इतनी विविध और समृद्ध है कि इसे विभिन्न भौतिक प्रदेशों में बाँटा गया है। ये भौतिक प्रदेश न केवल भारत की भौगोलिक पहचान को रेखांकित करते हैं, बल्कि कृषि, जलवायु, संसाधनों और जनसंख्या के वितरण पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं।

🔹 1. हिमालय पर्वतीय क्षेत्र

यह क्षेत्र भारत के उत्तर में स्थित है और विश्व की सबसे ऊँची पर्वतमाला — हिमालय — का घर है।
मुख्य विशेषताएँ:

  • तीन भागों में विभाजित: शिवालिक, हिमाचल, और हिमाद्रि (या महान हिमालय)
  • यहाँ कई प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल है, जैसे गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र।
  • यह क्षेत्र भूकंप-प्रवण और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील है।

🔹 2. उत्तरी मैदान (Indo-Gangetic Plain)

यह क्षेत्र हिमालय से निकलने वाली नदियों द्वारा निर्मित जलोढ़ मैदान है।
मुख्य विशेषताएँ:

  • अत्यंत उपजाऊ भूमि
  • घनी जनसंख्या और कृषि की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण
  • गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र तथा इनकी सहायक नदियाँ इस क्षेत्र को सिंचित करती हैं।

🔹 3. प्रायद्वीपीय पठार क्षेत्र

यह क्षेत्र भारत के मध्य और दक्षिणी भाग में फैला हुआ है।
मुख्य भाग:

  • मालवा पठार, दक्कन पठार, छोटा नागपुर पठार
    मुख्य विशेषताएँ:
  • कठोर आग्नेय और कायांतरित चट्टानों से बना
  • खनिज संसाधनों से भरपूर (जैसे कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट)
  • नर्मदा, ताप्ती, गोदावरी, कृष्णा जैसी नदियाँ बहती हैं।

🔹 4. थार मरुस्थल (पश्चिमी भारत का शुष्क क्षेत्र)

राजस्थान के पश्चिमी भाग में स्थित यह क्षेत्र अत्यधिक शुष्क है।
मुख्य विशेषताएँ:

  • बहुत कम वर्षा (औसत वर्षा 100–300 मिमी)
  • बालू के टीले और गर्म हवाएँ (लू)
  • इन्दिरा गांधी नहर इस क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा प्रदान करती है।

🔹 5. तटीय मैदान

यह पूर्वी और पश्चिमी तटों के साथ फैला हुआ मैदान है।
मुख्य भाग:

  • पूर्वी तट मैदान (बंगाल की खाड़ी के पास)
  • पश्चिमी तट मैदान (अरब सागर के पास)
    मुख्य विशेषताएँ:
  • प्राकृतिक बंदरगाह जैसे मुंबई, कोच्चि, विशाखापट्टनम
  • नारियल, चावल और मछलीपालन जैसे उद्योग

🔹 6. द्वीपीय क्षेत्र

भारत के दो प्रमुख द्वीप समूह हैं:

  • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह (बंगाल की खाड़ी में)
  • लक्षद्वीप द्वीपसमूह (अरब सागर में)
    मुख्य विशेषताएँ:
  • अंडमान: ज्वालामुखीय मूल के द्वीप
  • लक्षद्वीप: प्रवाल द्वीप (Coral Islands)

✍️ निष्कर्ष

भारत के भौतिक प्रदेश न केवल इसके भूगोल को आकार देते हैं, बल्कि इसकी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और जीवनशैली को भी प्रभावित करते हैं। प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशेषता है जो भारत को एक अद्वितीय और विविधतापूर्ण देश बनाती है।



🌏 Physical Regions of India – A Detailed Introduction


India is a land of diversities — in culture, languages and even in nature. The physical structure of India is so diverse and rich that it has been divided into various physical regions. These physical regions not only define the geographical identity of India but also have a profound impact on agriculture, climate, resources and population distribution.


🔹 1. Himalayan Mountain Region


This region is located in the north of India and is home to the world’s highest mountain range — the Himalayas.


Key Features:


Divided into three parts: Shivalik, Himachal, and Himadri (or Great Himalayas)


It is the origin of many major rivers, such as Ganga, Yamuna, Brahmaputra.


This region is earthquake-prone and prone to landslides.


🔹 2. Northern Plains (Indo-Gangetic Plain)


This region is an alluvial plain formed by rivers originating from the Himalayas.


 Main features:


Very fertile land


Very important from the point of view of dense population and agriculture


Ganga, Yamuna, Brahmaputra and their tributaries irrigate this region.


🔹 3. Peninsular Plateau Region


This region is spread in the central and southern parts of India.


Main parts:


Malwa Plateau, Deccan Plateau, Chota Nagpur Plateau

Main features:


Made of hard igneous and metamorphic rocks


Rich in mineral resources (such as coal, iron ore, bauxite)


Rivers like Narmada, Tapti, Godavari, Krishna flow.


🔹 4. Thar Desert (dry region of western India)


This region located in the western part of Rajasthan is extremely dry.

 Main features:


Very little rainfall (average rainfall 100–300 mm)


Sand dunes and hot winds (loo)


Indira Gandhi Canal provides irrigation facilities to this region.


🔹 5. Coastal Plains


It is a plain spread along the eastern and western coasts.

 Main parts:


Eastern Coast Plain (near Bay of Bengal)


Western Coast Plain (near Arabian Sea)


Key features:


Natural ports like Mumbai, Kochi, Visakhapatnam


Industries like coconut, rice and fisheries


🔹 6. Island Regions


India has two major island groups:


Andaman and Nicobar Islands (in Bay of Bengal)


Lakshadweep Islands (in Arabian Sea)


Key features:


Andaman: Islands of volcanic origin


Lakshadweep: Coral Islands


✍️ Conclusion


The physical regions of India not only shape its geography but also influence its culture, economy and lifestyle. Each region has its own specialty that makes India a unique and diverse country.

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